माता दुर्गा की आरती Mata Durga ki Arti

               

       माता दुर्गा की आरती

  माता दुर्गा ममता  बरसाने वाली जगत जननी माता दुर्गा की  आरती भक्तों के मनोरथ को पूर्ण करने वाली सर्व सिद्ध मैं और सर्व मनोरथ पूर्ण करने वाली आरती नीचे दी गई है भक्तजन इस आरती को मिलकर माता के चरणों में मिलकर गाएं

जय माता दुर्गाजय माता दुर्गा, हम सबकी तुम हो रक्षक।

तुम्हारी महिमा गाएं, सब जन मिलकर॥

जय माता दुर्गा...

तुमको सुमिरें जन-जन, हर संकट मिटाएं।

तुम हो ममता की मूर्ति, सब पर कृपा बरसाएं॥

जय माता दुर्गा...

तुम हो शक्ति स्वरूपा, अजेय और बलशाली।

तुम्हारी पूजा से मिलती, सबको खुशहाली॥

जय माता दुर्गा...

तुम्हारी ज्योति जगमग, उजियारा फैलाए।

तुम हो संताप हरने वाली, सबका मन हरसाए॥

जय माता दुर्गा...

दुष्टों का तुमने संहार किया, धर्म की रक्षा की।

महिषासुर का वध कर, दुनिया को मुक्ति दी॥

जय माता दुर्गा...

तुम्हारी भक्ति से मिलता, सुख और समृद्धि।

तुम्हारे आशीर्वाद से, पूरी होती हर सिद्धि॥

जय माता दुर्गा...

तुम हो माँ की ममता, तुम ही हो पिता का प्यार।

तुम हो सबकी रक्षा करने वाली, तुम्हारे बिना सब बेकार॥

जय माता दुर्गा...

चार भुजाओं में शोभित, खड्ग और त्रिशूल।

तुम हो सबकी रक्षक, तुम्हारी महिमा अनमोल॥

जय माता दुर्गा...

कपूर की ज्योत जलाएं, तेरा ध्यान लगाएं।

माँ दुर्गा की कृपा से, सब संकट मिट जाएं॥

जय माता दुर्गा...

हम सब मिलकर गाएं, माँ दुर्गा की आरती।

तुम्हारी भक्ति में है, सबका कल्याण और शांति॥

जय माता दुर्गा...जय माता दी! 

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