माता लक्ष्मी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता ...
उमा, राम, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता। ..
दुर्गा रूपनिर्ंजिनी, सुख सौभाग्य दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता...
तुम ही हो पतिव्रता, अन्नपूर्णा माता।
ऋषि-मुनि तुमको ध्याते, ब्रह्मा विष्णु सदा॥
ॐ जय लक्ष्मी माता...
ज्योति रूपनिरोनि, ज्ञान ज्योति प्रकाशा।
भवन में मंगल दतें, सेवक जन आशा॥
ॐ जय लक्ष्मी माता...
तुम ही हो जगदम्बा, शत्रुनाशिनी माता।
धन संपत्ति दाता, सुख संपत्ति दाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता...
माता लक्ष्मी की पूजा विधि
1. स्नान और स्वच्छता: माता लक्ष्मी की पूजा से पहले स्नान करें और पूजा स्थल को स्वच्छ करें।
2. पूजा स्थल: एक साफ स्थान पर सफेद या लाल वस्त्र धारणकर लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
3. पूजन सामग्री : पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री तैयार करें:
- - फूल (विशेषकर कमल)
- - धूप और दीपक
- - गंगाजल
- -चंदन, कुमकुम, रोली
- - प्रसाद (मिठाई, फल)
- -पान, सुपारी
- - लाल वस्त्र
4. पूजा आरंभ : गणेश जी का ध्यान करें और उन्हें प्रणाम करें। फिर माता लक्ष्मी का ध्यान करें और उन्हें जल, फूल, अक्षत, और चंदन से अभिषेक करें।
5. धूप-दीप: धूप और दीपक से माता लक्ष्मी को निर्भय करें।
6. मंत्र जाप: लक्ष्मी जी के मंत्रों का जाप करें, जैसे:
- "ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः"
- "ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः"
7 . आरती : लक्ष्मी जी की आरती गाएं और उन्हें मिठाई और फल का प्रसाद।
8. प्रसाद वितरण: पूजा के बाद परिवार और अन्य भक्तों को प्रसाद खिलाते हैं।
9. विशेष ध्यान: पूजा के दौरान माता लक्ष्मी से सुख-समृद्धि और धन-संपत्ति की कामना की जाती है। पूजा पूरी होने के बाद माता लक्ष्मी को धन्यवाद और उनकी प्रार्थना अवश्य करें।
इसी प्रकार की सनातन संबंधी जानकारी के लिए यहां पर क्लिक करें
इस प्रकार श्रद्धा और विधिपूर्वक की गई माता लक्ष्मी की पूजा से परिवार में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है।


0 टिप्पणियाँ