हनुमान जी को खेड़ापति सरकार या खेड़ापति हनुमान क्यों कहते हैं Hanumanji ko kherapati kyu kahte hai.
हमारे सनातन धर्म में प्राचीन काल से सभी नगर ग्राम हमारे देवी देवताओं द्वारा रक्षित किया जाते अर्थात गांव की सुरक्षा देवी देवताओं के हाथ में थी गांव में अनेकों प्रकार के हमारे इष्ट देवता अपने-अपने कार्यों को करते थे इस प्रकार से गांव में क्षेत्रपाल देवता का विशेष महत्व होता था क्षेत्रपाल देवता क्षेत्र की पूरी जिम्म्वारी अपने पास रखते थे क्षेत्रपाल के रूप में भेरू महाराज का पूजन होता है
खेड़ापति हनुमान जी मंदिरइस प्रकार से आज हम जानते हैं की हनुमान जी को आखिर खेड़ा पति की उपाधि क्यों दी जाती है क्यों कहा जाता है हनुमान जी को खेड़ापति सरकार तो दोस्तों खेड़ापति का अर्थ होता है खेड़ा का अर्थ होता है सीमा l सीमा का अर्थ है घेरा अर्थात जहां तक गांव की सीमा होती है वहां तक गांव की रक्षा का जिम्मा खेड़ापति हनुमान जी के हाथ में होता है क्योंकि हनुमान जी भूत प्रेत नकारात्मक ऊर्जा इन सब पर हमेशा हावी रहते हैं इसलिए गांव की सीमाओं में हनुमान जी को गांव का पहरेदार के रूप में स्थापित किया जाता था गांव में खेड़ापति समस्त गांव की रक्षा करते हैं खेड़ापति मंदिर धोना
और गांव की नकारात्मक शक्तियां, आपदाएं प्राकृतिक, महामारियां ,भूत पाट से खेड़ापति गांव की समस्त रक्षा करता है गांव को हमेशा सुरक्षित करता है और गांव को हमेशा धन संपदा और संपन्नता प्रदान करते हैं आज भी हनुमान जी कलयुग के देवता वे आज भी हमारे मध्य उपस्थित हैं और सभी भक्तों की कष्ट दुख आपदाएं दूर करते हैं
यदि विश्वास से हम खेड़ापति महाराज का पूजन मनन चिंतन करें तो खेड़ापति आज भी हमारे साथ उपस्थित होता है दोस्तों हमारे देश में खेड़ापति हनुमान के मंदिर जहां-जहां हैं वहां वहां आज बहुत सारी सिद्धियां उनके साथ हैं तो जिस गांव में खेड़ापति हनुमान जी विराजित हैं उसे गांव का सौभाग्य होता है कि खेड़ापति हनुमान जी उनके साथ हैं उस गांव की किसी भी आपदा से सुरक्षा करने के लिए अष्ट सिद्धि और नवनीत का डाटा स्वयं हनुमान जी स्वयं शंकर उपस्थित हैं
खेड़ापति सरकार की जय
केसरी नंदन हनुमान जी की जय




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