राम जी की वंशावली Ramji ki bansawali




भगवान राम की वंशावली क्या है Bhagwan Ram ki bansawali-

जैसा कि आप लोगों को पता है भगवान राम राजा दशरथ जी

के पुत्र हैं लेकिन हम में से कई लोगों को यह पता नहीं है कि भगवान राम जी का वंश कहां से शुरू होता है वैसे तो हर व्यक्ति का वंश ब्रह्मा जी से शुरू होता है आज हम इस लेख में भगवान राम के वंश के बारे में जानेंगे कि भगवान पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र का वंश कहां से शुरू होता है

 ब्रह्मा जी से लेकर भगवान रासूचीम तक सूर्यवंशी की काफी लंबी  है इसमें मुख्य मुख्य नाम हम नीचे सूची में प्रदर्शित कर रहे हैं और इस सूची के माध्यम से आप लोगों को ज्ञात होगा कि भगवान राम जी जो सूर्यवंश के वंशज हैं उनके वश में कितनी श्रेष्ठ राजाओं ने जन्म लिया और अपने वंश का नाम रोशन किया


 इस सूची में जो राजा भरत है उन भारत जी के नाम से हमारे देश का नाम भारतवर्ष पड़ा भगवान राम सूर्यवंश में जन्म लिए और सूर्यवंशी ही आगे चलकर रघुवंश बना रघु रघुकुल रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाए यह चौपाई आपने सुनी होगी इस चौपाई के माध्यम से हम जानते हैं कि रघुकुल की जो रेट है वह अटल है वह अपने वचन के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं कितने संकल्पित हैं की प्राण चले जाएं लेकिन वचन न जाए तो आईए जानते हैं कि राम जी की वश में कौन-कौन से श्रेष्ठ राजा उत्पन्न हुए


         जय खेड़ापति महाराज की जय हो

राम जी की वंशावली
क्रम नाम
1.
भगवान ब्रह्मा जी
2. मनु
3. इक्ष्वाकु
4. कुश
5. कुक्षि
6. विकुक्षि
7. बाण
8. अनरण्य
9. प्रितु
10. त्रिशंकु
11. धुन्धुमार
12. युवनाश्व
13. मन्दाता
14. सुसंधि
15. ध्रुवसंन्धि
16 प्रसंधि
17 भरत
18 असित
19 सगर
20 अंशुमान
21 दिलिप
22 भगीरथ
23 ककुत्स्था
24 रघु
25 अज
26 दशरथ
27 राम
28 लव और कुश

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